तीन फेज प्रेरण मोटर
तीन फेज प्रेरण मोटर (Three Phase Induction Motors) परिचय -तीन फेज मोटरें बनावट में सरल और मजबूत संरचना के कारण और भार पर उच्च शक्ति गुणक के कारण सबसे अधिक उपयोग में लाई जाती है। आजकल परिवर्तित फ्रीक्वेंसी की सप्लाई के साथ प्रेरण मोटरों की चाल नियन्त्रण भी सरल हो गई है। इसलिए उपयोग पहले की अपेक्षा बढ़ गया है। तीन फेज मोटर की तुलना हम परिणामित्र से कर सकते हैं, अन्तर इतना है कि प्रेरण मोटर की द्वितीयक वाइडिंग स्थिर रहती है। इसके रोटर को प्रदाय से जोड़ा नहीं जाता है अपितु इसमें प्रेरण द्वारा वि.वा. बल उत्पन्न होता हैं, इसलिए यह प्रेरण मोटर कहलाती है। कार्य सिद्धान्त (Working Principle) -जब किसी घूमते चुम्बकीय क्षेत्र में लघु परिपथ चालक रखा हो तो चालक द्वारा सापेक्ष वेग के कारण चुम्बकीय फ्लक्स कटता है और फैराडे के विद्युत चुम्बकीय प्रेरण नियमों के अनुसार चालक में वि.वा.ब. उत्पन्न हो जाता है, चालक के कम प्रतिरोध के कारण यह वि.वा. बल उसमें भँवर धाराएँ प्रवाहित कर देता है और लैंज के नियमानुसार ये धाराएँ उस कारण का विरोध करती हैं अर्थात् ये सापेक्ष वेग का विरोध करती है। इन भँवर धाराओं द्...